भारतीय श्रम कानूनों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों (Codes) में विभाजित किया जा रहा है, जिनका विवरण हिंदी पुस्तकों में विस्तार से मिलता है:
यह स्वास्थ्य, सुरक्षा, काम के घंटे (प्रति सप्ताह 48 घंटे) और बच्चों के रोजगार पर रोक लगाने का प्रावधान करता है।
भारत में औद्योगिक विकास, कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा और नियोक्ताओं (Employers) के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए श्रम कानून (Labour Law) का गहरा महत्व है। यदि आप कानून के छात्र हैं, किसी सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, या एक सजग श्रमिक या नियोक्ता हैं, तो हिंदी में श्रम कानून की सही जानकारी होना अनिवार्य है।
श्रम कानून भारत में श्रमिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को नियंत्रित करता है। इसके मुख्य पहलू हैं: labour law in hindi book pdf
Protects the employment of women during maternity and entitles them to paid leave.
1. मजदूरी से संबंधित कानून (Laws Related to Wages)
क्या आप के लिए संक्षिप्त नोट्स चाहते हैं? labour law in hindi book pdf
Social Security Code (सामाजिक सुरक्षा संहिता)
Code on Wages, 2019 (मजदूरी संहिता):
Offers medical, disability, and maternity benefits to workers in establishments with 10+ employees. labour law in hindi book pdf
श्रम कानून का अध्ययन क्यों जरूरी है?
- केंद्रीय सतर्कता आयोग या सरकारी प्रकाशन (Free PDFs)
** trade union अधिनियम, 1926 (Trade Unions Act)**: श्रमिकों को ट्रेड यूनियन बनाने और अपने अधिकारों के लिए सामूहिक रूप से आवाज उठाने की आजादी देता है।
Occupational Safety, Health and Working Conditions Code (व्यवसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संहिता) Hindi PDF Book Resources
: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (जैसे गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स) तक सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करता है।